एसईसीएल के चीफ विजिलेंस ऑफिसर ने किया गेवरा व दीपका खदान का दौरा
सतर्कता जागरूकता पर जोर, उत्पादन व उत्पादकता की समीक्षा
कोरबा। एसईसीएल के चीप विजिलेंस ऑफिसर (सीवीओ) ने तीन माह के निवारक सतर्कता अभियान के अंतर्गत एसईसीएल की मेगा परियोजना गेवरा व दीपका का दौरा किया। एसईसीएल के गेवरा हाउस में मेगा परियोजना गेवरा व दीपका के अधिकारियों से चर्चा की। उन्होंने गेवरा खदान का भी दौरा किया और खनन कार्यों तथा उत्पादन व उत्पादकता कार्य की समीक्षा की। इस अवसर पर गेवरा क्षेत्र के एजीएम एके त्यागी, एजीएम दीपका एसके मिश्रा, मेगा परियोजनाओं के अन्य वरिष्ठ अधिकारी और सतर्कता विभाग के अधिकारी उपस्थित थे।
अपने दौरे के दौरान मुख्य सतर्कता अधिकारी हिमांशु जैन ने क्षेत्रीय अधिकारियों व अधिकारियों की बैठक ली। इस दौरान 18 अगस्त से 17 नवंबर तक एसईसीएल में चल रहे तीन माह के निवारक सतर्कता अभियान पर एक केंद्रित सत्र का भी आयोजन किया गया। उन्होंने सतर्कता जागरूकता पर जोर देते हुए पारदर्शिता, दक्षता व समय पर निर्णय के महत्व को लेकर चर्चा की। संवाद सत्र के दौरान सीवीओ हिमांशु जैन ने सतर्कता व परिचालन में सुधार के लिए भी प्रबंधन के अधिकारियों से महत्वपूर्ण क्षेत्रों पर चर्चा की। जिसमें प्रमुख रूप से एसईसीएल के परफॉर्मेंस की निगरानी नियमों के अनुपालन डीओपी मॉड्यूल, प्रशिक्षण कार्यक्रम और मामलों का त्वरित निपटान, कोयला ग्रेडेशन के अंतर्गत ग्रेडिंग प्रक्रियाओं में गुणवत्ता व विश्वसनीयता सुनिश्चित करना, कोयला उत्पादन और एसईसीएल के समग्र उत्पादन में गेवरा खदान के अग्रणी योगदान, सीएमपीएफ और रोजगार मामले को लेकर कर्मचारी संबंधी मामलों का समय पर समाधान, अनुबंध समापन के अंतर्गत व्यवस्थित समापन प्रक्रियाओं के माध्यम से जवाबदेही को मजबूत करना, डिजिटल पहल के अंतर्गत जिसमें डिजी कोल, बायोमेट्रिक उपस्थिति और ओवरटाइम प्रबंधन और स्क्रैप निपटान को लेकर प्रमुखता से बात की। हिमांशु जैन ने सभी अधिकारियों और कर्मचारियों से सतर्कता जागरूकता को दैनिक कामकाज में एक अभिन्न मूल्य के रूप में अपनाने के लिए कहा। उन्होंने जोर दिया कि सक्रिय सतर्कता जागरूकता से ही संगठनात्मक मजबूती व प्रबंधन का विकास हो सकता है।
