कोल इंडिया में आश्रित विवाहित बेटी और बेवा बहू को मिल सकेगा नियोजन
जेबीसीसीआइ-11 का इम्प्लीमेंट इंस्ट्रक्शन-16 अब एक जुलाई 2021 से होगा प्रभावशील
एसओपी फोर कंपनसोनेट एंप्लॉयमेंट के लिए गठित समिति 45 दिनों के भीतर देगी रिपोर्ट
कोरबा। कोल इंडिया में दया रोजगार (एसओपी फोर कंपनसोनेट एंप्लॉयमेंट) के लिए गठित कमेटी की बैठक दिल्ली स्कोप कॉम्प्लेक्स स्थित कोल इंडिया कार्यालय में हुई। बैठक में एसओपी फोर कंपनसोनेट एंप्लॉयमेंट में आवश्यक संसोधन और सुझाव को लेकर चर्चा हुई। बैठक की अध्यक्षता एसईसीएल के निदेशक एचआर बिरंची दास ने की। सदस्य के रूप में ईसीएल के निदेशक एचआर जीके सिन्हा,कोल इंडिया से एचआर मैनेजर ऋतिका श्रीवास्तव, श्रमिक संगठन एचएमएस की ओर से शिवकुमार यादव, बीएमएस से संजय कुमार चौधरी,एटक से लखनलाल महतो और सीटू से आरपी सिंह शामिल हुए। बैठक में कोल इंडिया में मृत कर्मचारी के आश्रितों को अनुकंपा नियुक्ति के संबंध में निर्णय लिया गया। इसमें तय हुआ कि जेबीसीसीआइ-11 का इम्प्लीमेंट इंस्ट्रक्शन-16, जिसे पहले एक जुलाई 2024 से लागू करने का आदेश था, इसे अब एक जुलाई 2021 से लागू किया जाएगा। अनुकंपा नियोजन से जुड़ी एसओपी (स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर) की समीक्षा को लेकर हुई बैठक में यह तय किया गया है। बताया जा रहा है कि नई व्यवस्था के तहत मृतक कर्मी के आश्रितों बेवा बहू और विवाहित बेटी को भी अनुकंपा नियुक्ति का अवसर मिल सकेगा। वहीं पहले नियम था कि कर्मचारी की मृत्यु के एक वर्ष के भीतर आवेदन करना अनिवार्य था। बैठक में इस प्रावधान को संशोधित कर अब पांच वर्ष की अवधि तक आवेदन स्वीकार करने पर सहमति बनी है । बैठक में यह भी तय हुआ कि यदि मृतक कर्मचारी की कोई आश्रित महिला तत्काल नौकरी नहीं चाहती और बाद में मुआवजा लेना चाहती है,तो उसे आवेदन की तारीख से नहीं बल्कि मृत्यु की तारीख से एरियर्स सहित भुगतान किया जाएगा। बैठक में लिए गए सभी निर्णयों को अब मानकीकरण समिति में प्रस्तुत किया जाएगा। बैठक में तय हुआ कि समिति 45 दिनों के भीतर अपनी रिपोर्ट देगी। समिति की स्वीकृति मिलने के बाद इन पर अंतिम मुहर लगेगी और नए नियम लागू होंगे।
