बिजली कंपनी के ढाई हजार कर्मचारियों को नियमितीकरण का इंतजार
बिजली कंपनी में संविदा कर्मचारियों के नियमितीकरण की मांग ने पकडी जोर, आंदोलन की तैयारी
कोरबा। बिजली कंपनी के संविदा कर्मचारी लंबे समय से नियमितीकरण की मांग कर रहे हैं। कंपनी में संविदा कर्मचारियों के नियमितीकरण की मांग का मुददा अब फिर जोर पकडने लगा है। बिजली कंपनी में संविदा कर्मचारियों कर्मचारियों के नियमितीकरण की मांग का मुद्दा कर्मचारी संगठनों की ओर से समय.समय पर उठाया गया है। लेकिन प्रबंधन ने संविदा कामगारों को अब तक नियमित नहीं किया है। इसको लेकर संविदा कर्मचारियों में नाराजगी है। इधर बिजली कर्मचारी संघ-महासंघ ने फिर से बिजली कर्मचारियों की मांग को लेकर प्रबंधन के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। प्रबंधन को चेतावनी दी गई है कि अगर संविदा कामगारों के नियमितीकरण की मांग को गंभीरता से नहीं लिया गया तो बिजली कर्मचारियों को एकजुट कर आने वाले समय में आंदोलन होगा। नियमितीरण की मांग पुरानी है, पूर्व में प्रबंधन ने कहा था कि संबंधित कर्मचारियों की संविदा नियुक्ति राज्य शासन की ओर से निर्धारित संविदा पद भर्ती नियम के अनुरूप की गई है। उक्त निर्धारित नियमों के तहत नियमित करना संभव नहीं है। लेकिन उनके लाइन में कार्यअनुभव को देखते हुए अर्धकुशल से कुशल श्रमिक के रूप में उन्नयन करने पर विचार किया जाएगा। लेकिन नियमितीरण की बात तो दूर इस दिशा में भी कोई कदम नहीं उठाया गया। फिल्हाल महासंघ संविदा कामगारों को नियमित करने की मांग कर रहा है।
भर्ती में असामनता को लेकर जताई थी आपत्ति
बिजली कंपनी में कर्मचारियों की भर्ती में असमानता का मुददा पूर्व में भी बिजली कर्मचारी संघ-महासंघ की ओर से उठाया गया था। जिसमें कंपनी में अलग-अलग नीति से भर्ती पर आपत्ति जताते हुए इसका विरोध भी किया गया था। प्रबंधन ने पूर्व में भू-विस्थापितों को कंपनी में रोजगार दिया था।
इसमें जनरेशन कंपनी तो में भू-विस्थापित कर्मियों को नियमित किया गया था। लेकिन पद नहीं होने का हवाला देते हुए उन्ही भू-विस्थापित कर्मियों को वितरण कंपनी में संविदा नियुक्ति दी गई थी। आज तक वे नियमितीकरण का इंतजार कर रहे है।
संविदा कामगारों पर मैदानी अमले की जिम्मेदारी
वितरण कंपनी के संविदा कर्मचारियों को लाइन के संचारण और संधारण का काम करते हैं। जिसमें बहुत अधिक जोखिम रहता है। संविदा कामगारों के साथ पूर्व में गंभीर दुर्घटनाएं भी हो चुकी हैं। कर्मचारियों का कहना है कि लबे समय बाद भी प्रबंधन नियमितीकरण करने पर गंभीरता नहीं दिखा रहा है। यह बिजली कर्मचारियों के साथ अन्याय है।
आंदोलन की बनी रणनीति-नवरतन बरेठ
बिजली कर्मचारी संघ.महासंघ के महामंत्री नवरतन बरेठ का कहना है कि लंबित मांगों के संबंध में कंपनी को आंदोलन का नोटिस दिया है। इसमें बिजली वितरण कंपनी के ढाई हजार संविदा कर्मचारियों के नियमतीकरण की मांग का मुददा भी प्रमुख है। पहले चरण के आंदोलन की शुरूआत 29 अगस्त से होगी जिसमें आमसभा व धरना प्रदर्शन कर शासन को ज्ञापन दिया जाएगा।
