रोजगार के लिए अब तक 104 भू-विस्थापितों ने लिया नामांकन पत्र
कोरबा। एसईसीएल कुसमुंडा क्षेत्र की ओर से खदान विस्तार के लिए अर्जित भूमि के एवज में प्रभावित खातेदारों को मुआवजा और रोजगार उपलब्ध कराने के लिए पहल की गई है। इसी कड़ी में ग्राम रिसदी में एक दिवसीय संयुक्त शिविर का आयोजन किया गया, जिसमें भू-विस्थापितों की विभिन्न समस्याओं का निराकरण किया गया।
शिविर में जिला प्रशासन की ओर से एसडीएम तन्मय खन्ना और दीपका तहसीलदार अमित केरकेट्टा मौजूद रहे। वहीं, एसईसीएल प्रबंधन की ओर से कुसमुंडा क्षेत्र के महाप्रबंधक सचिन तानाजी पाटिल, महाप्रबंधक (संचालन) एके राय, एलएंडआर विभागाध्यक्ष केएस चौहान सहित अन्य अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित थे।
एसईसीएल कुसमुंडा खदान से प्रभावित ग्राम रिसदी के लगभग 168 भू-विस्थापित रोजगार के लिए पात्र पाए गए हैं। इनमें से अधिकांश को नामांकन पत्र वितरण की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। कुसमुंडा कोयला खदान विस्तार के लिए कोल बेयरिंग एक्ट, 1957 के तहत रिसदी गांव की भूमि का अधिग्रहण किया गया है और इसके बाद डिसेंडिंग ऑर्डर को स्वीकृति मिलने पर प्रबंधन ने रोजगार और मुआवजा संबंधी मामलों के निराकरण की प्रक्रिया आगे बढ़ाई है। अब तक रोजगार के लिए पात्र 168 भू-विस्थापितों में से 104 लोगों ने नामांकन पत्र प्राप्त कर लिए हैं । जिनमें से 25 नामांकन पत्र दस्तावेजों सहित जमा भी किए जा चुके हैं।
देश की ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने के लिए जिले में स्थित एसईसीएल की कोयला खदानों की अहम भूमिका है। कुसमुंडा खदान के लिए ही चालू वित्तीय वर्ष में 50 मिलियन टन कोयला उत्पादन का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। हालांकि, भू-विस्थापितों की लंबित समस्याएं कोयला उत्पादन की राह में बाधा बनी हुई है। इन चुनौतियों को दूर करने के लिए एसईसीएल और जिला प्रशासन मिलकर रोजगार व मुआवजा से जुड़ी समस्याओं का समाधान की कोशिश जारी है।
जिला प्रशासन और एसईसीएल प्रबंधन के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित शिविर सुबह 10 बजे से शाम 6 बजे तक चला। शिविर में रोजगार के लिए 12 नामांकन पत्र वितरण किया गया। जमीन के मुआवजा के लिए एक प्रकरण में दस्तावेज जमा हुए। 12 प्रकरणों में भूमि मुआवजा के लिए नोटिस प्राप्त हुआ है। इसी तरह 15 प्रकरणों में फसल मुआवजा के लिए दस्तावेज़ जमा किए गए हैं, जबकि 22 प्रकरणों के राजस्व दस्तावेज़ों में सुधार किया गया, फौती नामांतरण के छः प्रकरणों का निराकरण किया गया, 15 वंशवृक्षों का सत्यापन किया गया और 8 ऋण पुस्तिकाओं में सुधार किया गया है।
अधिकांश खातेदारों ने लिया है नामांकन
कुसमुंडा खदान प्रभावित भूविस्थापितों के रोजगार,मुआवजा प्रकरण निराकरण के पहल से स्थानीय ग्रामीण खुश बताए जा रहें हैं। रिसदी के अधिकांश लोगों ने रोजगार के लिए नामांकन पत्र ले लिया है। शेष खातेदारों को भी जल्द नामांकन प्रक्रिया पूरी करने कहा जा रहा है। कार्यक्रम जिला प्रशासन व एसईसीएल प्रबंधन की इस पहल से खातेदारों को काफी राहत मिली है।
.
