16/02/2026

साल भर बाद भी मांगे पूरी नहीं, बिजली कंपनी के संविदा कर्मचारियों ने दी अनिश्चितकालीन हड़ताल की चेतावनी

सभी क्षेत्रीय मुख्यालयों में 19 सितंबर को देंगे ज्ञापन, 18 अक्टूबर से अनिश्चितकालीन हड़ताल
-नियमितीकरण सहित चार सूत्रीय मांगों को लेकर होगा आंदोलन

कोरबा। छत्तीसगढ़ राज्य बिजली कंपनी में एक बार फिर कर्मचारी आंदोलन का दौर शुरू हो गया है। भारतीय मजदूर संघ के बाद अब छत्तीसगढ़ विद्युत संविदा कर्मचारी संघ ने नियमितीकरण सहित चार सूत्रीय मांगों को लेकर बिजली कंपनी प्रबंधन को आंदोलन का नोटिस सौंप दिया है। बिजली कंपनी के अध्यक्ष, वितरण और ट्रांसमिशन कंपनी के प्रबंधन निदेशक दिए गए पत्र में कहा गया है कि प्रबंधन की ओर से पहले दिए गए ठोस आश्वासन पर अब तक कोई निर्णय नहीं लिया गया है। जिससे संविदा बिजली कर्मचारियों में नाराजगी व्याप्त है।
छत्तीसगढ विद्युत संविदा कर्मचारी संघ के अध्यक्ष हरिचरण साहू व महामंत्री कमलेश भारद्वाज ने बताया कि वर्ष 2024 में संविदा कर्मियों ने नियमितीकरण की मांग को लेकर संविदा बिजली कर्मचारियों ने आंदोलन किया था। इस बीच 12 अगस्त 2024 को बिजली कंपनी प्रबंधन और संघ के बीच द्विपक्षीय वार्ता हुई थी। इसके बाद 30 अगस्त 2024 को प्रबंधन ने कार्यवाही विवरण जारी कर सभी मांगों पर सकारात्मक रुख दिखाया था। प्रबंधन के आश्वासन को देखते हुए आंदोलन स्थगित कर दिया था। लेकिन अब संगठन का कहना है कि अब एक साल बाद भी किसी मांग पर अमल नहीं किया गया है। इसलिए मजबूर होकर फिर से आंदोलन का निर्णय लिया है।

चार चरणों मे किया जाएगा आंदोलन
छत्तीसगढ विद्युत संविदा कर्मचारी संघ ने अपनी मांगों को लेकर चार चरणों में आंदोलन करने का निर्णय लिया है। जिसके अंतर्गत 19 सितंबर को प्रदेश के सभी क्षेत्रीय कार्यालयों में प्रबंधन को ज्ञापन सौंपा जाएगा। दूसरे चरण के आंदोलन में एक को संविदा कर्मचारी सामूहिक अवकाश पर रहेंगे और दो अक्टूबर को राष्ट्रीय अवकाश के दिन ड्यूटी का बहिष्कार करेंगे। तीसरे चरण में 13 अक्टूबर को बिजली कंपनी मुख्यालय के गेट पर आमसभा और प्रदर्शन करेंगे। इसके बाद भी प्रबंधन की ओर से कोई सकारात्मक निर्णय नहीं लिए जाने पर 18 अक्टूबर से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाने की चेतावनी दी है।

नियमितीकरण सहित ये है चार सूत्रीय मांगे
छत्तीसगढ़ विद्युत संविदा मजदूर संघ ने पावर कंपनी में कार्यरत सभी संविदा कर्मचारियों को नियमित करने की मांग की है। संविदा कर्मचारियों की विद्युत दुर्घटना या सामान्य (गैर-विद्युत) दुर्घटना में मृत्यु होने पर उनके परिवार को 25 लाख रुपए का मुआवजा और तत्काल अनुकंपा नियुक्ति देने, वर्तमान में दिए जा रहे एकमुश्त वेतन में संविदा कर्मियों को महंगाई भत्ता और मकान भत्ता जोड़ने और राष्ट्रीय अवकाश में ड्यूटी करने वाले संविदा कर्मियों को अतिरिक्त भुगतान की पात्रता देने के साथ ही पूर्व में राष्ट्रीय अवकाश पर कराई गई ड्यूटी का भी अतिरिक्त भुगतान करने की मांग की है।

बिजली कंपनी में ढाई हजार संविदा कर्मचारी,सबसे अधिक वितरण में
छत्तीसगढ राज्य विजली वितरण कंपनी में सबसे ज्यादा संविदा कर्मचारी कार्यरत हैं। वितरण कंपनी में 2471 कर्मचारी और ट्रांसमिशन कंपनी में 96 संविदा कर्मचारी कार्यरत हैं। इसमें भू-विस्थापित कर्मचारियों के साथ ही 2016 और 2018 में नियुक्त कर्मचारी भी शामिल हैं। इन सभी कर्मचारियों पर मैदानी क्षेत्र में बिजली व्यवस्था की जिम्मेदारी है। संविदा कर्मचारी लंबे समय से नियमितीकरण की मांग कर रहे है।

बीएमएस ने शुरू कर दिया है आंदोलन, नौ अक्टूबर को कंपनी मुख्यालय का घेराव
भारतीय मजदूर संघ पहले से आंदोलनरत, संघ-महासंघ नो अक्टूबर को घेरेगा मुख्यालय
इधर बीएमएस ने पहले ही चरणबद्व आंदोलन शुरू कर दिया है। पहले चरण के आंदोलन में बिजली कर्मचारी संघ-महासंघ जिला प्रशासन और क्षेत्रीय मुख्यालयों में प्रबंधन को ज्ञापन सौंपा है। इसमें संविदा बिजली कर्मचारियों के नियमितीकरण, प्रमोशन, कर्मचारियों को तकनीकी भत्ता, पुरानी पेंशन व्यवस्था लागू करने सहित अन्य मांगे शामिल है। महासंघ ने कहा है कि अगर मांगे पूरी नहीं हुई तो नौ अक्टूबर को बिजली कंपनी मुख्यालय का घेराव किया जाएगा।

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