सेवानिवृत्त कोयला कर्मचारियों और आश्रितों के लिए कोल इंडिया ने शुरू किया ई-निवारण पोर्टल
शिकायतों के निराकरण में रहेगी पारदर्शिता, रियल-टाइम ट्रैकिंग की होगी सुविधा
कोरबा। कोल इंडिया ने अपने सेवानिवृत्त कर्मचारियों और उनके आश्रितों की शिकायतों के निराकरण के लिए ई-निवारण ऑनलाइन पोर्टल शुरू किया है। कोल इंडिया में इस व्यवस्था से शिकायतों के निराकरण में जहां पारदर्शिता रहेगी, वहीं उसकी रियल-टाइम ट्रैकिंग भी हो सकेगी। एसईसीएल सहित कोल इंडिया के अन्य अनुषांगिक कंपनियों से सेवानिवृत्त होने वाले कर्मचारी और उनके आश्रितों की समस्याओं के निराकरण के लिए ई- निवारण पोर्टल शुरू किया गया है। यह पोर्टल एक सितंबर से संचालित होना शुरू हो गया है। कोल इंडिया प्रबंधन ने सेवानिवृत्त कोयला कर्मचारियों की शिकायतों के पारदर्शी और समयबद्ध निवारण के उद्देश्य से इस व्यवस्था को शुरू किया है। कोल इंडिया में यह इस तरह की पहली व्यवस्था है। जिसके तहत कोल इंडिया के सेवानिवृत्त कर्मचारियों और उनके आश्रितों को शिकायत निवारण के लिए एक आधुनिक और पारदर्शी व्यवस्था उपलब्ध कराया है। सीआईएल के कार्यकारी निदेशक (एचआर) गौतम बनर्जी की ओर से इस संबंध में सीआईल और उसकी सहायक सभी कंपनियों को पत्र जारी किया गया है। जिसमें बताया गया है कि पोर्टल के जरिए शिकायतों का रियल-टाइम ट्रैकिंग होगा और शिकायतकर्ताओं को नियमित अपडेट एसएमएस व ईमेल के जरिए मिल सकेगा साथ ही, इस पोर्टल से शिकायतों की लिस्टिंग व पूरी जानकारी हमेशा उपलब्ध होगी। ततकाल इसका सभी विभागों में पालन के निर्देश दिए गए हैं।
कर्मचारी इस तरह कर सकेंगे उपयोग
पूर्व कर्मचारी अथवा आश्रित अपने कर्मचारी संख्या या पैन नंबर का उपयोग कर पोर्टल में लॉगिन कर सकते हैं। ओटीपी प्रमाणीकरण पंजीकृत मोबाइल नंबर पर किया जाएगा। इसमें अगर कोई परेशानी हो तो अंतिम पदस्थापना का विवरण देते हुए ऑनलाइन पंजीयन करना होगा। पंजीकरण की पुष्टि संबंधित सहायक कंपनी का नोडल अधिकारी करेगा। इसके बाद कर्मचारी अथवा आश्रित अपनी शिकायत दर्ज कर सकेंगे।
संबंधित कंपनी को सीधे कर सकेंगे शिकायत
ई-निवारण पोर्टल के माध्यम से शिकायतकर्ता सीधे अपनी संबंधित सहायक कंपनी को शिकायत दर्ज करेगा। नोडल अधिकारी शिकायत को संबंधित विभाग को भेज देंगे। यदि शिकायत किसी अन्य सहायक कंपनी से संबंधित है तो आवश्यक टिप्पणी सहित वहां उपलब्ध विवरण अग्रेषित की जाएगी। अन्य विभागों से संबंधित मामलों को ईमेल के जरिए भेजा जाएगा और उसकी कार्रवाई पोर्टल में दर्ज होगी। समाधान मिलने पर नोडल अधिकारी शिकायत को क्लोज ग्रीवेंस फंक्शन के जरिए बंद कर सकेंगे और शिकायतकर्ता को एसएमएस,ईमेल से इसकी जानकारी देंगे।
समय पर निराकरण नहीं हुआ तो बताना होगा कारण
यदि 15 दिन में समाधान नहीं होता, तो नोडल अधिकारी को कारण बताते हुए अंतरिम उत्तर दर्ज करना होगा। 30 दिन से अधिक लंबित रहने पर, सीआईएल में संबंधित एडमिन को इसकी सूचना चली जायेगी जाएगी। सहायक कंपनियों के लिए टीएस टू डी (एचआर) और सीआईएल मुख्यालय के लिए जीएम (पीबीआर) को नोडल बनाया गया है।
