16/02/2026

12 सितंबर को बीएमएस कोयला कंपनियों के सभी एरिया मुख्यालयों में करेगा धरना प्रदर्शन

कोयला मजदूरों की सुविधाएं बढ़ाने की मांग और प्रबंधन की नीतियों का किया जाएगा विरोध
एमडीओ मॉडल का विरोध, कर्मचारियों की कमी पर जताई चिंता

कोरबा। कोयला मजदूरों की समस्याओं के निराकरण और उनके लिए कोयला कंपनियों में सुविधाओं की बढ़ोतरी सहित अन्य मांगों को लेकर भारतीय मजदूर संघ आंदोलन का ऐलान किया है। इसके तहत एसईसीएल सहित कोल इंडिया की अन्य सहायक कंपनियों के सभी एरिया मुख्यालय में धरना प्रदर्शन कर प्रबंधन की नीति के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया जाएगा। भारतीय मजदूर संघ से संबद्ध अखिल भारतीय कोयला मजदूर संघ ने मजदूरों की समस्याओं को लेकर अलग-अलग चरणों में आंदोलन कर रहा है। इसी तारतम्य में 12 सितंबर को कोल इंडिया और उसकी सभी सहायक कंपनियों के एरिया मुख्यालयों में जीएम कार्यालय के समक्ष धरना प्रदर्शन का निर्णय लिया गया है। इसके बाद आंदोलन की समीक्षा की जाएगी और आगे की रणनीति तय की जाएगी। कोल इंडिया और उसकी सहायक कंपनियों में नियमित कर्मचारी की सुविधाओं के साथ कोयला कंपनियों में काम करने वाले ठेका कामगारों को भी बेहतर सुविधाएं और लाभ दिलाने के लिए भारतीय मजदूर संघ ने आवाज बुलंद किया है। बीएमएस ने खदानों में उत्पादन के लिए अपनाए जा रहे एमडीओ मॉडल का विरोध किया है और स्थाई कर्मचारियों की लगातार कमी पर चिंता भी जताई है। वर्तमान में ज्यादातर कोयले का उत्पादन आउटसोर्सिंग के माध्यम से हो रहा है। इसे लेकर बीएमएस का कहना है कि कम से कम 50 फीसदी विभागीय व 50 फीसदी एमडीओ के माध्यम से कोयला उत्पादन होना चाहिए। संगठन का ये भी कहना है कि ठेका मजदूरों को बेहतर सामाजिक सुरक्षा का लाभ मिलना चाहिए। वर्तमान में कोल इंडिया में कोयला उत्पादन के कार्य में ठेका कामगारों की बड़ी संख्या में भागीदारी है, लेकिन इसके बाद भी प्रबंधन की ओर से ठेका कामगारों को न तो चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है और न ही सभी को हाई पावर कमेटी की ओर से अनुशंसित वेतन मिल रहा है। इसके कारण मजदूरों को कई समस्याओं से जूझना पड़ रहा है। कोयला मजदूरों की सुविधाएं बढ़ाने के लिए चार चरणों में चरणबद्ध आंदोलन किया जा रहा है। आगामी 12 सितंबर को एसईसीएल के विभिन्न क्षेत्रों में संगठन धरना प्रदर्शन करेगा। आंदोलन को सफल बनाने के लिए तैयारी चल रही है। बीएमएस ने कोयला उद्योग को बचाने के लिए लंबे समय तक संघर्ष की जरूरत बताई है। इस दिशा में बीएमएस ने अभियान पहले ही शुरू कर दिया है। 17 सितंबर तक मजदूर जन जागरण अभियान चलाया जा रहा है। इसके तहत गेट, पीट और पब्लिक मीटिंग सहित संगठन स्तर पर अन्य गतिविधियां संचालित की जा रही है।
सभी कंपनियों के संगठन प्रभारियों के साथ बैठक,हुई रणनीतिक चर्चा
कुसमुंडा में आयोजित विजय उत्सव कार्यक्रम में पहुंचे भारतीय मजदूर संघ के कोल क्षेत्र(राष्ट्रीय)प्रभारी के लक्ष्मा रेड्डी ने एसईसीएल, बीसीसीएल,एमसीएल, सीसीएल सहित सभी कंपनियों में बीएमएस के प्रभारियों की बैठक लेकर आंदोलन के संबंध में चर्चा की है। उन्होंने आगे की तैयारी व रणनीति को लेकर संगठन के प्रभारी से बात कर आवश्यक निर्देश दिए हैं। सभी प्रमुख पदाधिकारियों को कंपनियों में कोल इंडिया के श्रमिकों और ठेका मजदूरों के हित के लिए आंदोलन सफल करने करने की रणनीति पर चर्चा हुई है।
राष्ट्रीय कार्यकारिणी के आठ पदों पर हुई नियुक्ति
सोमवार को कुसमुंडा में बीएमएस के अखिल भारतीय कोयला मजदूर संघ कोल क्षेत्र की कार्यकारणी में रिक्त आठ पदों पर नियुक्ति की प्रक्रिया भी पूरी की गई। कोल क्षेत्र के लिए राष्ट्रीय कार्यकारिणी में छत्तीसगढ़ से महेन्द्रपाल सिंह और वीणा जायसवाल को जगह मिली है।



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