एसईसीएल की दीपका मेगा माइंस परियोजना से अब 60 मिलियन टन कोयला उत्पादन की तैयारी

सीएमडी हरीश दुहन ने किया दीपका खदान का दौरा, कोयला उत्पादन में तेजी लाने के दिए निर्देश


कोरबा। एसईसीएल के सीएमडी हरीश दुहन ने शनिवार को एसईसीएल की मेगा माइंस दीपका का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने खदान में चल रहे उत्पादन और विकास कार्यों की विस्तार से जानकारी ली। बैठक और निरीक्षण के दौरान सबसे ज्यादा जोर आने वाले समय की तैयारियों और दीपका खदान को 60 मिलियन टन यानी 6 करोड़ टन सालाना कोयला उत्पादन के लक्ष्य तक पहुंचाने की रणनीति पर रहा।
सीएमडी ने खदान का दौरा कर मौके पर चल रही गतिविधियों को करीब से देखा। उन्होंने कॉन्ट्रैक्चुअल पैच, फेस और खदान के प्रमुख कोयला स्टॉकयार्ड का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने मौजूदा कोयला उत्पादनए उपलब्ध स्टॉक और आने वाले समय में उत्पादन बढ़ाने की तैयारियों के बारे में अधिकारियों से जानकारी ली। निरीक्षण के दौरान सीएमडी ने इस बात पर जोर दिया कि उत्पादन बढ़ाने के लिए केवल मशीनों और संसाधनों की उपलब्धता ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि पहले से बेहतर योजना बनाकर हर जरूरी काम को समय पर पूरा करना भी जरूरी है। उन्होंने अधिकारियों से खदान की वर्तमान स्थिति के साथ.साथ भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए काम करने को कहा। दौरे के दौरान मानसून को देखते हुए खदान में की गई तैयारियों की भी समीक्षा की गई। बारिश के मौसम में खदानों में पानी की निकासी और सुरक्षित संचालन बड़ी चुनौती होती है। इसे ध्यान में रखते हुए सीएमडी ने लीलागर नदी के चैनल से जुड़े कार्यों और पानी के सुरक्षित बहाव की व्यवस्था की जानकारी ली। लीलागर नदी के पानी के बहाव को व्यवस्थित रखना डिपका खदान के सुरक्षित और सुचारु संचालन के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है। अधिकारियों ने मानसून के दौरान संभावित परिस्थितियों और उनसे निपटने के लिए किए गए इंतजामों की जानकारी सीएमडी को दी। इसके साथ ही गेवरा और दीपका को जोड़ने वाली सड़क के प्रस्तावित डायवर्जन को लेकर भी चर्चा हुई। खदान के भविष्य में विस्तार को देखते हुए यह सड़क डायवर्जन महत्वपूर्ण माना जा रहा है। सड़क के डायवर्जन और नदी से जुड़े कार्यों को समय पर पूरा करना डिपका मेगा माइंस के दीर्घकालिक विस्तार और लगातार उत्पादन के लिए जरूरी है। निरीक्षण के दौरान वर्तमान उत्पादन व्यवस्था की समीक्षा के साथ.साथ आने वाले वर्षों में खदान की क्षमता बढ़ाने के लिए जरूरी कदमों पर भी ध्यान दिया गया। एसईसीएल का लक्ष्य दीपका की उत्पादन क्षमता का बेहतर इस्तेमाल करते हुए इसे 60 मिलियन टन के महत्वपूर्ण पड़ाव तक ले जाना है। दौरे के दौरान अधिकारियों ने खदान से जुड़े विभिन्न कार्यों की प्रगति और भविष्य की योजनाओं की जानकारी दी। सीएमडी ने सभी जरूरी कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर पूरा करने और उत्पादन के साथ सुरक्षा को भी सर्वोच्च महत्व देने के निर्देश दिए।

बढेगी मेगा प्र्रोजेक्ट में कोयला उत्पादन की क्षमता


सीएमडी हरीश दुहन ने अधिकारियों और कर्मचारियों के साथ बातचीत करते हुए दीपका खदान की भविष्य की उत्पादन क्षमता को बढ़ाने पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि बड़े लक्ष्य को हासिल करने के लिए अभी से जरूरी तैयारियां शुरू करनी होंगी। इसके लिए खदान के विस्तारए आधारभूत सुविधाओं और अन्य जरूरी कार्यों की समयबद्ध योजना बनाना जरूरी है। उन्होंने टीम से आपसी समन्वय के साथ काम करने और महत्वपूर्ण परियोजनाओं को तय समय में पूरा करने पर जोर दिया। उनका कहना था कि बेहतर योजना, समय पर काम और सभी विभागों के बीच तालमेल से डिपका की उत्पादन क्षमता को धीरे-धीरे बढ़ाया जा सकता है।

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