राखड़ बांध में काम शुरू कराने पहुंचे अधिकारी के बयान से भडके ग्रामीण, हुआ हंगामा
ग्रामीण लोतलोता राखड़ बांध के काम का कर रहे थे विरोध, समझाइश के बाद मामला शांत
कोरबा। ग्राम पंचायत लोतलोता अंतर्गत स्थित राखड़ बांध में काम शुरू कराने को लेकर अधिकारी के बयान के बाद हंगामे की स्थिति निर्मित गई। ग्रामीणों ने बातचीत के दौरान बिजली उत्पादन कंपनी के अधिकारी पर कथित रूप से धमकाने का आरोप लगाया, हालांकि बाद में अपने बयान को लेकर अधिकारी की ओर से ग्रामीणों को सफाई दिए जाने के बाद मामला शांत हो गया। अब इस घटना से जुड़ा एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।
जानकारी के अनुसार छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत उत्पादन कंपनी एचटीपीएस प्रबंधन के अधिकारी और कर्मचारी एक दिन पूर्व लोतलोता राखड़ डैम में काम शुरू कराने पहुंचे थे। ग्रामीण पहले से ही इसका विरोध कर रहे हैं। पहले उनकी समस्या का निराकरण की मांग कर रहे थे। दोनों पक्षों के बीच बातचीत चल रही थी। इस दौरान एचटीपीएस के अतिरिक्त मुख्य अभियंता राजेश पांडे सुरक्षा कर्मियों और अन्य कर्मचारियों के साथ मौके पर उपस्थित थे। ग्रामीणों का कहना है कि बातचीत के दौरान पांडे की ओर से कहा गया कि काम तो आज शुरू करेंगेए चाहे मारना बोलो मारेंगे। लेकिन अधिकारी के इस कथित बयान के बाद ग्रामीण नाराज हो गए और मौके पर हंगामा शुरू कर दिया। हालांकि कुछ देर बाद अतिरिक्त मुख्य अभियंता राजेश पांडे की ओर से ग्रामीणों को सफाई देते हुए कहा गया कि उनकी बात को गलत समझ लिया गया। उनका कहना था कि अगर काम करते समय उनके लोगों को मार भी खाना पड़े तो मार खा लेंगे, लेकिन काम करना पड़ेगा। उनकी बात का आशय किसी को धमकाना नहीं था। इस मामले से जुड़ा वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। बताया जा रहा है कि उत्पादन कंपनी ने पूर्व में भी लोतलोता डैम तक नई पाइपलाइन बिछाने कार्य शुरू किया था, तब भी ग्रामीणों ने इसका विरोध किया था। काम का विरोध करने वाले ग्रामीणों का कहना है कि पहले प्रबंधन की ओर से उनकी समस्याओं का निराकरण करना चाहिए, उसके बाद काम करना चाहिए। वहीं प्रबंधन के अधिकारी ने भी बातचीत के दौरान समझाइश देते अपनी मांगों को लेकर पहले लिख कर देने के लिए कहा है।बताया जा रहा है कि लोतलोता राखड़ बांध वर्ष 2023 में बंद कर दिया गया था। इसके बाद वहां मिट्टी भराई और पौधरोपण किया गया और राख परिवहन के लिए लगाई गई पाइपलाइन भी हटा दी गई थी। अब कंपनी की ओर से यहां फिर काम शुरू करने से ग्रामीणों में नाराजगी है। ग्रामीणों का कहना है कि बीते 21 अप्रैल को झाबू राखड़ बांध टूटने से एक युवक की मौत हो गई थी। इस तरह की घटनाएं भी फिर नहीं होनी चाहिए। ग्रामीणों के अनुसार वे विकास कार्यों के विरोधी नहीं हैंए लेकिन कंपनी को पहले ग्रामीणों की शंकाओं व समस्याओं का निराकरण करना चाहिए। फिलहाल कंपनी और ग्रामीणों के बीच के बीच आगे बैठक कर मामले का समाधान निकालने की बात कही जा रही है।
