50 फीसदी मानदेय वृद्धि और संविलियन की मांग को लेकर मितानिनों का प्रदर्शन
घंटाघर चौक के पास किया प्रदर्शन, कलेक्टोरेट पहुंच कर सौंपा ज्ञापन
कोरबा। स्वास्थ्य सेवाओं में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाली मितानिनों ने अपनी लंबित मांगों को लेकर गुरुवार को घंटाघर चौक पर जोरदार प्रदर्शन किया। प्रदेश स्वास्थ्य मितानिन संघ के बैनर तले बड़ी संख्या में मितानिन, प्रशिक्षक और ब्लॉक कोऑर्डिनेटर कोरबा के घंटाघर चौक पर एकत्रित हुए और अपनी मांगों के समर्थन में प्रदर्शन किया। इसके बाद सभी ने रैली निकालकर कलेक्ट्रेट पहुंचकर मुख्यमंत्री के नाम कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा।
प्रदर्शन के दौरान मितानिनों ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए अपनी मांगों को जल्द पूरा करने की मांग की। उनका कहना था कि वे वर्षों से ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं की सबसे महत्वपूर्ण कड़ी के रूप में काम कर रही हैं। मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य, टीकाकरण, पोषण, स्वास्थ्य जागरूकता और विभिन्न सरकारी स्वास्थ्य योजनाओं को लोगों तक पहुंचाने में उनकी अहम भूमिका रहती है। इसके बावजूद उन्हें मिलने वाला मानदेय उनकी जिम्मेदारियों और मेहनत के अनुरूप नहीं है। संघ की प्रमुख मांगों में सबसे महत्वपूर्ण मांग वर्तमान मानदेय में 50 फीसदी वृद्धि की है। मितानिनों का कहना है कि बढ़ती महंगाई के दौर में वर्तमान मानदेय से परिवार का भरण-पोषण करना मुश्किल हो गया है। ऐसे में सरकार को अपने वादे के अनुरूप मानदेय बढ़ाने का निर्णय लेना चाहिए। इसके अलावा मितानिनों ने राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) में संविलियन और नियमितीकरण की मांग भी उठाई है। उनका कहना है कि लंबे समय से स्वास्थ्य विभाग के लिए काम करने के बावजूद उन्हें स्थायी कर्मचारियों जैसी सुविधाएं नहीं मिल रही हैं। यदि उन्हें एनएचएम में शामिल कर नियमित किया जाता है तो उनके भविष्य को सुरक्षा मिलेगी और वे अधिक उत्साह के साथ काम कर सकेंगी। प्रदर्शन के दौरान मितानिनों ने यह भी मांग की कि चुनाव के दौरान सरकार की ओर से किए गए सभी वादों को जल्द से जल्द पूरा किया जाए। उन्होंने कहा कि सरकार को उनके योगदान को देखते हुए गंभीरता से निर्णय लेना चाहिए। मितानिन संघ ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगे पूरी नहीं हुई तो वे आगे बढ़ा आंदोलन किया जाएगा।
