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जेबीसीसीआई-12 गठन को लेकर आंदोलन टालने की कोशिश, प्रबंधन ने कहा- बातचीत पर रखें भरोसा

0 बीएमएस का गेट मीटिंग और प्रदर्शन जारी, संयुक्त महासंघ एक जुलाई को मनाएंगे मांग दिवस
कोरबा। जेबीसीसीआई-12 के गठन में हो रही देरी को लेकर चल रहे और प्रस्तावित आंदोलनों के बीच कोल इंडिया लिमिटेड (सीआईएल) ने चारों कोयला महासंघों के संयुक्त एक्शन फोरम और अखिल भारतीय कोयला खदान मजदूर संघ से आंदोलन टालने की अपील की है। सीआईएल के महाप्रबंधक (मानव संसाधन) की ओर से जारी पत्र में कहा गया है कि वेतन समझौते और कर्मचारियों की सेवा शर्तों से जुड़े सभी मुद्दों पर गंभीरता से विचार किया जा रहा है और बातचीत की प्रक्रिया लगातार जारी है। इसमें बताया गया है कि चारों संयुक्त महासंघ ने 15 जून के पत्र के जरिए 1 जुलाई से गेट मीटिंग, धरना, रैली, पोस्टर और पर्चा वितरण जैसे कार्यक्रम करने की जानकारी दी थी। इस पर सीआईएल ने उनसे आंदोलन पर दोबारा विचार करने का आग्रह किया है।
इधर, जेबीसीसीआई-12 के गठन की मांग को लेकर भारतीय मजदूर संघ से संबद्ध अखिल भारतीय कोयला खदान मजदूर संघ ने 25 जून से गेट मीटिंग और धरना-प्रदर्शन शुरू कर दिया है। यह आंदोलन 30 जून तक चलेगा। वहीं एटक, सीटू, एचएमएस और इंटक से जुड़े चारों संयुक्त महासंघ ने 1 जुलाई को मांग दिवस मनाने का फैसला किया है। इसके तहत कोल इंडिया की सभी सहायक कंपनियों में श्रमिकों को एकजुट करने के लिए गेट मीटिंग, सभा और धरना-प्रदर्शन किए जा रहे हैं। एसईसीएल के कोरबा, कुसमुंडा, दीपका और गेवरा क्षेत्रों में भी आंदोलन जारी है। श्रमिक संगठन जल्द से जल्द जेबीसीसीआई-12 का गठन कर 12वें वेतन समझौते की प्रक्रिया शुरू करने की मांग कर रहे हैं।
मानसून का दौर शुरू, कोयला उत्पादन को लेकर रहती है चुनौती
सीआईएल प्रबंधन का कहना है कि देश में बिजली उत्पादन के लिए कोयला सबसे महत्वपूर्ण ईंधन है। ऐसे में कोयला उत्पादन या आपूर्ति में किसी भी तरह की रुकावट का असर बिजली, इस्पात, सीमेंट समेत कई उद्योगों और आम जनजीवन पर पड़ सकता है। प्रबंधन ने कहा कि मानसून शुरू हो चुका है, जो खनन, परिवहन और डिस्पैच के लिए पहले से ही चुनौतीपूर्ण समय होता है। इसलिए इस दौरान निर्बाध कोयला उत्पादन बनाए रखना राष्ट्रीय ऊर्जा सुरक्षा के लिए जरूरी है। सीआईएल ने भरोसा दिलाया है कि वह जेबीसीसीआई-12 के जरिए समय पर वेतन समझौता कराने के लिए प्रतिबद्ध है।
एपेक्स जेसीसी बैठक में सभी संगठनों के साथ हुई थी विस्तृत चर्चा

सीआईएल के अनुसार 5 जून को हुई एपेक्स जेसीसी बैठक में बीएमएस, एचएमएस, एटक और सीटू सहित सभी केंद्रीय ट्रेड यूनियनों के प्रतिनिधियों के साथ जेबीसीसीआई-12 के गठन पर विस्तार से चर्चा हुई थी। बैठक में उठाए गए सभी मुद्दों पर विचार किया जा रहा है। प्रबंधन का कहना है कि अब तक 11 राष्ट्रीय कोयला वेतन समझौते आपसी सहमति और बातचीत से हुए हैं। इसलिए इस बार भी संगठनों से आंदोलन की बजाय संवाद जारी रखने की अपील की गई है। साथ ही अनुरोध किया गया है कि 1 जुलाई को मांग दिवस के रूप में न मनाया जाए, क्योंकि एनसीडब्ल्यूए-5 के बाद से यह दिन गैर-कार्यकारी कर्मचारियों के लिए संशोधित वेतन और अन्य लाभों से जुड़ा महत्वपूर्ण दिन माना जाता है।

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